वाराणसी के विनायक ग्रुप के दफ्तरों पर आयकर की रेड खत्म, 40 घंटे की पड़ताल में विभाग ने खंगाली 200 फाइलें

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वाराणसी। वाराणसी में विनायक ग्रुप के दफ्तरों पर आयकर विभाग की रेड खत्म हो गई है। लगभग 2 दिन तक चली रेड में इनकम टैक्स टीम ने 40 घंटे पड़ताल की। इसमें 200 से अधिक फाइलें खंगाली तो इन्वेस्टरों की सूची भी बनाई। करोड़ों के लेनेदेन पर सवाल पूछे, लैपटाप-फाइलें और डाटा भी जब्त कर लिया। कुछ बैंक खातों का ट्रांजेक्सन और बैक स्टेटमेंट भी आईटी टीम ने कब्जे में ले लिया है।

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सपा नेता अबू आजमी की बेनामी संपत्तियों और करोड़ों के हेरफेर खंगालने के लिए उनके करीबी विनायक ग्रुप पर आईटी की रेड की गई थी। शुक्रवार को रात भर टीम दफ्तरों में डटी रही और पांच साल में खरीदी गई सभी संपत्तियों के दस्तावेज खंगाले। कंपनी के बैंक एकाउंट की भी पूरी रात पड़ताल चली और 50 करोड़ से अधिक के लेनदेन को सवालों में रखा गया। शनिवार सुबह टीम ने अपनी कार्रवाई को रोक दिया। 

लखनऊ के अपर निदेशक इनकम टैक्स डीपी सिंह के नेतृत्व में जांच को पहुंची टीमें ने अलग-अलग लोकेशन पर पड़ताल की। मलदहिया, वरुणा गार्डेन सहित अन्य जगहों से आयकर विभाग की टीम ने कई कागजात, मोबाइल और लैपटॉप कब्जे में लिए हैं। गुरुवार लगभग दोपहर तीन बजे शुरू हुई सर्वे की कार्रवाई शुरू हुई थी।

आयकर अधिकारी सवाल दर सवाल करते रहे और ग्रुप के चेयरमैन उसका जवाब देते रहे। अब तक की पड़ताल में 40-50 करोड़ के हवाला लेनदेन की बात सामने आई है जिसके दस्तावेज कंपनी अब तक उपलब्ध नहीं करा सकी। वहीं पूछताछ में अबू आजमी के आजमगढ़ के भी कुछ करीबियों के नाम सामने आए। इसमें सफेदपोश से लेकर रियल एस्टेट कारोबारी हैं। अधिकारियों ने बताया कि पांच वर्षों में तीसरी बार अबू आजमी के ठिकानों पर छापा मारा गया है। 

बिल्डर साथियों की सूची तैयार, जल्द होगी छापेमारी बेनामी संपत्तियों की तलाश में सपा नेता अबू आजमी के ठिकानों पर आयकर विभाग की जांच शनिवार को भी जारी है। लखनऊ टीम के सर्वे और जांच में करीबी बिल्डरों से लेनदेन के बैंक स्टेटमेंट और जमीन की खरीद-फरोख्त समेत कई दस्तावेज हाथ लगे हैं। वहीं सपा नेता अबू आजमी के करीबी बिल्डर साथियों की सूची आयकर अधिकारियों के हाथ लगी है।

पूरी जानकारी जुटाने के बाद टीम गठित होगी और एक साथ छापा मारा जाएगा। विनायक ग्रुप ने वाराणसी में कई शॉपिंग सेंटर, इमारत, मॉल और अपार्टमेंट का निर्माण किया है, जिसमें अबू आजमी का पैसा लगा है। फिलहाल कितने की टैक्स चोरी हुई है, इसका खुलासा करने से आयकर अधिकारी बच रहे हैं। 160 करोड़ में 40 करोड़ के लेनदेन पर सवाल विनायक ग्रुप के मालिक और समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र अध्यक्ष अबू आसिम आजमी व्यापारिक भागीदारी है। 

उनके केवल वाराणसी ही नहीं, दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु समेत कई ठिकानों पर आयकर की टीम ने कार्रवाई की। सोर्स के मुताबिक, अबू आजमी के करीबियों के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी 160 करोड़ रुपए की कर चोरी को लेकर की गई। आयकर विभाग की ओर से विनायक ग्रुप के कथित तौर से हुए 160 करोड़ रुपए की चोरी मामले की जांच की जा रही है। आयकर विभाग द्वारा इससे पहले अबू आजमी को समन भेजा गया था।

आयकर विभाग की टीम विनायक ग्रुप पर उन 160 करोड़ रुपयों का विवरण मांगा। जांच में पता चला कि विनायक ग्रुप ने कथित तौर पर प्रॉफिट का कुछ हिस्सा अनअकाउंटेड पैसे को अबू आजमी को ट्रांसफर किया था। जोकि 40 करोड़ रुपए के आस-पास है। विनायक ग्रुप पर दर्ज एक एफआईआर के आधार पर यह जांच चल रही है।

फाइलें, लैपटॉप और मोबाइल किया जब्त मलदहिया के विनायक प्लाजा में छापेमारी के दौरान आयकर अधिकारियों कंपनी के डायरेक्टर के मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर को जब्त कर लिया है। इसके अलावा 10-12 फाइलें भी जब्त कर ली। कंपनी के सभी बैंक एकाउंट से पिछले पांच वर्षों का लेनदेन भी खंगाला। प्रमुख एकाउंट के बैंक स्टेटमेंट भी लिए हैं। विनायक ग्रुप के बैंक खातों में व्यय पर सवाल उठाने के साथ इनसे जुड़ी फाइलों को जब्त कर लिया गया।

एक साल के अंदर वाराणसी के बाहर देश के कई शहरों में किए लेन-देन का ब्योरा भी खंगाला। विनायक ग्रुप के कई बैंक खाते मिले, जिनमें अधिकतम लगातार लेनदेन में सक्रिय दिखे। वहीं दो खातों से बड़े ट्रांजैक्शन पर आयकर अधिकारियों ने सवाल उठाए। इन रुपयों के आय और व्यय का विवरण भी जाना। वहीं दोनों खातों के बैंक • स्टेटमेंट भी निकाले। हालांकि किसी भी बैंक खाते से लेनदेन पर कोई रोक नहीं लगाई गई है।

दस्तावेजों के साथ संपत्तियों की भी पड़ताल वाराणसी में लखनऊ आयकर विभाग की टीम एडिशनल आईटी के नेतृत्व में अबू आजमी की बेनामी संपत्ति के मामले में जांच-पड़ताल के लिए छापेमारी की है। आयकर विभाग की यूनिट ने जांच में कुछ हेराफेरी और गड़बड़ी पकड़ी। आयकर विभाग की टीम द्वारा दो स्थानों पर रात दो बजे तक चलती रही। इस छापेमारी को लेकर सूत्रों ने बताया कि कुछ संपत्तियों की पहचान करने के लिए दस्तावेज और फाइल, फोटोग्राफ भी जुटाए।

हालांकि आईटी विभाग एक संदिग्ध कर चोरी मामले में यह जांच कर रही है। अप्रैल में भी विनायक ग्रुप की हुई थी जांच अप्रैल महीने में आयकर विभाग ने विनायक ग्रुप और अबू आजमी के करीबियों पर लखनऊ, मुंबई, कोलकाता और कानपुर समेत कई शहरों में छापेमारी की थी। आयकर विभाग ने 160 करोड़ रुपए से अधिक की कथित चोरी मामले में आजमी के करीबी के रियल एस्टेट कंपनी के यहां छापेमारी की थी।

एक अधिकारी ने इस बाबत बताया कि आज के दिन हुआ सर्च एक मंत्री से जुड़े बेनामी संपत्ति से संबंधित जांच से है। जांच में संपत्ति के ब्योरे का पता चला है, जैसे कि लैंड पार्सल। एजेंसी को शक है कि इसके लाभार्थी अबू आजमी हो सकते हैं। इसी कारण 5 अक्तूबर को भी वाराणसी में सर्च ऑपरेशन को चलाया गया। सर्च के बाद डॉक्यूमेंट्स को पढ़ा जाएगा ताकि पता लगाया जा सके कि इसका अंतिम लाभार्थी कौन है।

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