प्रदूषण मुक्त भारत हमारी संकल्पना-सतीश विष्णु जाधव

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सुलतानपुर। महाराष्ट्र से अयोध्या प्रभु श्रीराम के दर्शन के लिए निकला आठ सदस्यीय साइकिल यात्रियों का दल सुलतानपुर पहुँचा। इस दल में साइकिलिंग करने वाली शुलु तांबे एकलौती महिला साइकिलिस्ट हैं। उनके पिता सतीश विष्णु जाधव वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर साइकिलिस्ट हैं, वही इस यात्रा के अगुवा हैं। 30 वर्षीय शुलु तांबे मुंबई के एक हॉस्पिटल में नर्स हैं। शुलु तांबे ने कहा - पापा हैं तो नो टेशन । महाराष्ट्र के नागपुर से अयोध्या के लिए निकला महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से होकर अयोध्या जाने वाले यात्रियों का दल अब तक 820 किमी का सफर तय कर चुका है।

''चलो अयोध्या साइकिल से'' वाली टीम का वे भी हिस्सा हैं। अयोध्या जाते समय सोमवार की शाम बातचीत दौरान शुलु तांबे से जब सवाल हुआ कि इतना लंबा सफर, अकेली महिला, रास्ते की मुश्किलें कैसे झेलती हैं, तो तपाक से बोली कि, पापा हैं तो टेशन की बात ही नही है। ऐसा तो कुछ है नही कि लड़किया कुछ कर नहीं सकती। आज तो लड़किया सब कुछ कर सकती हैं। कर भी रहीं हैं। हम यात्रा दौरान नेचर का आनंद ले रहे हैं। सबको नेचर के साथ रहना चाहिए। शुलु अपनी हम उम्र आधी आबादी को सलाह देते हुए कहा कि महिलाओं को साइकिलिंग करना चाहिए।

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वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर साइकिलिस्ट सतीश विष्णु जाधव ने बातचीत दौरान कहा कि साइकिल यात्रा का मकसद अयोध्या दर्शन के साथ प्रदूषण मुक्त भारत हमारी संकल्पना है। इसीलिए हमने अपनी इस यात्रा का नाम एवं नारा दिया है, कि ''अयोध्या चलो साइकिल से..। श्री जाधव ने बताया कि राम मंदिर बनने के बाद टीम की इच्छा थी कि प्रभु श्रीराम जी का दर्शन करने साइकिल से ही जाएंगे। इस दौरान अयोध्या दर्शन के साथ प्रदूषण मुक्त भारत का संदेश भी लोगों के बीच पहुँचेगा। प्रदूषण मुक्त भारत की संकल्पना के साथ साइकिलिंग करते तीन राज्यों के विभिन्न जिलों से होकर गुजरी है। ''अयोध्या चलो साइकिल से'' की टीम सोमवार को कुश नगरी पहुँची।

साइकिल यात्रियों के आठ सदस्यीय इस दल में तीस से लेकर 65 वर्ष के साइकिलिस्ट शामिल हैं।गौरतलब है कि 26 फरवरी 2024 को नागपुर से जाने माने शेफ विष्णु मनोहर व वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर साइकिलिस्ट डॉ अमित समर्थ ने यात्रियों के इस दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। साइकिल यात्रा के संयोजक जाधव ने बताया कि 2016 से उन्होंने साइकिलिंग प्रारंभ की थी। अभी तक 66 हजार किमी यात्रा कर चुके हैं। बीते 6 नवंबर 2023 से 15 जनवरी 2024 तक मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय की यात्रा दौरान यहां बच्चों संग स्कूलों में अभियान चलाया कि प्लास्टिक का सिंक्रोनाइजेशन कैसे करना है।

जाधव के साथ चलने वाले अयोध्या पहुँचने को लेकर बातचीत दौरान सभी यात्री उत्साहित दिखे। यात्री तुषार रेडकर निजी कंपनी में जॉब करते हैं। कहते हैं कि 2021 में मैंने साइकिलिंग करना शुरू किया। अब तक 18 हजार किमी उनकी साइकिल से यात्रा हो चुकी है। प्रभु श्रीराम का मंदिर बन रहा था तभी साइकिल से जाकर दर्शन की इच्छा जागृत हुई थी। वे खुश हैं कि आज उनकी इच्छा पूरी होने वाली है। 65 किमी ही अयोध्या से दूर हैं।शिवम खरात मुंबई में भारतीय डाक विभाग में हैं। 2021 से साइकिलिंग शुरू की थी। महाराष्ट्र के बाहर यह उनकी पहली अंतरराज्यीय साइकिल यात्रा है।

22 जनवरी से ही अयोध्या आने की उनकी उत्सुकता थी जो पूरी होने के करीब है। बताते हैं कि परिवार वाले साइकिल से जाने का विरोध किए लेकिन समूह में जाने की बात बताई तो यह मौका मिला। विजय कुमार सरजीने मुंबई में ही कारागार विभाग में नौकरी करते हैं। 2017 से लांग टूरिंग साइकिलिंग कर रहे हैं। अब तक वे 36 हजार किमी की साइकिल यात्रा कर चुके हैं। 60 वर्ष की इस उम्र में अपनी सेहत का राज साइकिल को बताते हुए कहते हैं कि साइकिल चलाने से सेहत एवं प्रदूषण मुक्त भारत की संकल्पना के साथ हम भ्रमण पर हैं।

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