बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच में जालसाज़ सहायक अध्यापिका हुई निलंबित 

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सुल्तानपुर। सहायक अध्यापिका की नौकरी मिलने के दो वर्ष बाद ही गिरगिट की तरह रंग बदलते हुए महिला शिक्षिका ने बेरोजगार पति को धोखा देकर प्रताड़ित कर तलाक लेने वाली महिला को जांच मे दोषी पाए जाने पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निलंबित कर खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में संबंध कर दिया है। 

जानकारी के अनुसार अखंड नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले उमेश कुमार सिंह सुत स्वर्गीय समरजीत सिंह ग्राम बलुआ पौधन पोस्ट- बीरी हाजीपुर ने पिछले 21 नवंबर 2023 को जिला अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी पीड़ा दर्ज कराई थी कि वर्ष 2000 में उसकी शादी जनपद फैजाबाद के गोसाईगंज ग्राम देवरा सरैया की रहने वाली उपमा सिंह सुत स्वर्गीय जगदंबा सिंह से हुई थी। शादी के 20 वर्ष तक दोनों पति-पत्नी साथ में रहे। पति उमेश सिंह प्राइवेट गाड़ी का ड्राइवर है। जिसने अपनी पत्नी उपमा सिंह को उच्च शिक्षा दिलाने के लिए इलाहाबाद भेज दिया। तैयारी पूरी हुई बीटीसी की परीक्षा पास कर उपमा सिंह की तैनाती विकासखंड दुबेपुर क्षेत्र के उघरपुर स्थिति प्राथमिक विद्यालय पूरे अहिरन में मिली थी। इस बीच दोनों पति-पत्नी के बीच संबंध अच्छा रहा और एक पुत्री का जन्म हुआ, नौकरी मिलते ही उपमा सिंह अपने पति उमेश सिंह को उपेक्षित करती रही और अपनी बेटी को पिता से अलग करते हुए संबंध विच्छेद के लिए न्यायालय में बाद दायर कर दिया।

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परिणाम यह रहा कि शिक्षिका उपमा सिंह विभाग को गुमराह कर  बेटी का नाम केंद्रीय विद्यालय अमहट के कक्षा 7 में 13 नवंबर 2011 जन्मतिथि दिखाकर दर्ज कर दिया। वहीं प्राथमिक विद्यालय में भी सरकार से अनुचित लाभ लेते हुए अपनी बेटी का नाम 26 नवंबर 2024 को कक्षा 5 में प्राथमिक विद्यालय उघरपुर पूरे अहिरन में भी दर्ज कर दिया। बस इसकी शिकायत होते ही बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपिका चतुर्वेदी ने पत्रावलियों का गहनता से जांच कर कार्यवाही के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित कर दी। टीम द्वारा दी गई रिपोर्ट में सत्य्ता का आधार मानते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने उपमा सिंह पर निलंबन की कार्यवाही करते हुए खण्ड शिक्षा अधिकारी करौंदी कला कार्यालय सम्बद्ध कर दिया।

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