चाकू से 40 वार का हिसाब 4 गोली से पूरा, सिर्फ मौसी और बहनों ने देखा चेहरा

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शांहजहांपुर : मीरानपुर कटरा के बाजारघेर मोहल्ला निवासी आलोक गुप्ता पर डकैती के दौरान बदमाश शहबाज ने एक फुट लंबे चाकू से 40 से अधिक वार किए थे। उसका हिसाब पुलिस ने शहबाज को 4 गोली मारकर ले लिया। शहबाज के शव का पोस्टमार्टम बुधवार को किया गया, इस दौरान उसके सीने में एक और दिल के पास तीन गोली लगी हुई मिलीं। पुलिस मुठभेड़ में मारे गए शाहबाज का शव पीएम के बाद दोपहर बाद पुलिस एंबुलेंस से लेकर ईदगाह के समीप स्थित कब्रिस्तान पहुंची।

तहसीलदार प्रकाश यादव और प्रशासनिक अमले की मौजूदगी में पड़ोसियों ने पुलिस के आग्रह पर कफन दफन का इंतजाम किया। नगर पंचायत गौशाला के पिछवाड़े शव को नहलाकर धार्मिक रीति रिवाज से दफन कर दिया गया।शाहबाज की पूरनपुर निवासी मौसी शाहिदा के साथ छोटी बहनें शिफा और अलफिजा कब्रिस्तान पहुंची और शव का चेहरा देखकर आंसू बहाती रहीं। मौसी शाहिदा बिलखते हुए बोली इसी दिन के लिए चोरी करना सीखी थी और कोई काम नहीं सीख सकें।

मोहल्ला सराय का पच्चीस वर्षीय शहबाज दो भाई हैं। बड़ा साबिर रिक्शा चालक है। दोनों अविवाहित हैं। शिफा और अलफिजा किशोर छोटी बहनें हैं। पिता मोहम्मद सईद और मां दस बारह साल पहले चल बसे। चाचा हनीफ परिवार के साथ बरसों पहले शाहजहांपुर बस गये। शहबाज भी ठेली रिक्शा चलाता था, लेकिन यहां कम ही दिखता था।

सरताज अहमद हत्या कांड के बाद उसे अब कुछ दिन से यहां देखा जा रहा था। उसका चाल चलन संदिग्ध होने से पड़ोसी रिश्तेदार उससे वास्ता नहीं रखते थे। यहां कम रहने के कारण सरताज अहमद हत्या कांड में उस पर किसी की निगाह नहीं गयी। घटना में पकड़े जाने के बाद बड़ा भाई साबिर डर से गायब हो गया। घर पर अकेली किशोरवय बहनें रह रही हैं।

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शव के लिए पुलिस द्वारा बुधवार को संपर्क करने पर बहनों ने लाचारी जता दी तो पुलिस ने आस-पड़ोस के लोगों से संपर्क कर कफन दफन की व्यवस्था कराई। अकेली बहनों के पास आज मौसी शाहिदा पूरनपुर से पहुंची। दफन के बाद दोनों भांजियों को लेकर चली गयी। भाई साबिर नहीं आया। मौसी शाहिदा ने बताया इसके कारनामों की वजह से हम लोग वास्ता नहीं रखते। दिल नहीं माना तो आना पड़ा। खराब काम का अंजाम खराब होता है।

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