Mahoba News: बहुचर्चित गोलीकांड में पूर्व राज्यमंत्री के बेटे को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, जुर्माना भी ठोंका

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महोबा: आठ साल पहले हुए बहुचर्चित गोलीकांड मामले में बुधवार को अदालत ने पूर्व मंत्री के बेटे पर दोष सिद्ध हो जाने पर उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना ठोंका।

वहीं पूर्व विधायक के बेटे को जानलेवा हमला करने के मामले में उसे दस साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जबकि दोनो पक्षों के 11 लोगों पर दोष सिद्ध न होने पर उन्हें बरी कर दिया गया। अदालत ने दोनो अभियुक्तों को पुलिस हिरासत में जेल भेज दिया। 

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वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव दौरान महोबा विधानसभा सीट से बसपा प्रत्याशी पूर्व विधायक अरिमर्दन सिंह चुनाव लड़ रहे थे, जबकि सपा से पूर्व राज्यमंत्री सिद्ध गोपाल साहू चुनाव मैदान में डटे थे। 

मतदान से एक दिन पहले रात में कन्वेसिंग के लिए घूम रहे सपा बसपा के समर्थकों में शहर के मोहल्ला बजरिया में पुलिस चौकी के समीप पूर्व विधायक अरिमर्दन सिंह के बेटे हिमांचल और पूर्व मंत्री व सपा प्रत्याशी सिगोपाल के बेटा साकेत साहू व उनके समर्थको के बीच हुई मारपीट और गोलीबारी में पूर्व विधायक के रिश्तेदार राकेश सिंह की मौत हो गई थी, जबकि पूर्व राज्यमंत्री के बेटे साकेत साहू गोली लगने से बुरी तरह घायल हो गए। 

साकेत साहू की तरफ से कोतवाली महोबा में हिमांचल सिंह, समीर सिद्दीकी, समीर अंसारी, परवेज अहमद, गुढ़ी मंसूरी, सिद्र्धाथ, सुधीर सिंह, कल्लू सहित नौ लोगों के खिलाफ धारा 307 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।

उधर, दूसरे गुट के हिमांचल सिंह ने साकेत साहू व उसका भाई, तारिक अहमद, हर्ष प्रताप सिंह के खिलाफ 302 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायालय में चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में सुनवाई शुरू हुई।

बुधवार को अपर जिला सत्र न्यायाधीश राजीव पालीवाल ने दोनो पक्षों के गवाह, बहस और दलीले सुनने के बाद एक पक्ष के पूर्व राज्यमंत्री के बेटे साकेत साहू को हत्या का दोषी ठहराते हुए अजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका, जुर्माना अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़़ेगी। 

जबकि दूसरे पक्ष के पूर्व विधायक के बेटे हिमांचल को जानलेवा हमला करने के मामाले में दस साल की सजा सुनाई साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माना भी ठोंका।

जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी, जबकि दोनो पक्षों के 11 नामजद लोगों पर दोष सिद्ध न होने पर उन्हें बरी कर दिया गया। इस मुकदमे की पैरवी सरकार पक्ष की ओर से दिनेश सिंह और सुरेद्र राजपूत ने की। 

गोलीकांड का फैसला जानने के लिए अदालत में जुटी भीड़

बहुचर्चित गोलीकांड का बुधवार का फैसला सुनाए जाने को लेकर अदालत परिसर में दोनो पक्षों के समर्थकों की भारी भीड़ जुटी। इतना ही नहीं मामला पूर्व राज्यमंत्री और पूर्व विधायक के बेटों से जुड़ा होने के कारण कचहरी परिसर में भारी पुलिस फोर्स तैनात रहा। 

इतना ही नहीं समर्थक और नामजद लोगों के परिजन फैसला जानने के लिए अदालत में पहुंचने के बाद बेचैन दिखे। बाद में फैसला आने के बाद बरी हुए लोगों के परिजनों में साफ खुशी दिखाई दी, जबकि दोनो पक्षों के सजा पाए लोगों के परिजन मायूस दिखे। सुबह से ही अदालत में फैसला सुनने के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई थी।

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