लखनऊ: नक्सली गतिविधियों में शामिल पति-पत्नी गिरफ्तार

यूपी एसटीएस ने प्रयागराज से दबोचा

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लखनऊ । यूपी एटीएस ने प्रयागराज से नक्सली गतिविधियों में शामिल दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, दोनों रिश्ते में पति-पत्नी हैं। साथ ही नामित एवं प्रकाश में आये अन्य अभियुक्तों के विरूद्ध विवेचना प्रचलित रही। उनके द्वारा प्रयोग किए जा रहे इलेक्ट्रॉनिक डिवाईसों को कब्जे में लेकर नियमानुसार परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया। दरअसल थाना एटीएस लखनऊ में साल  2019 में सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें सभी आरोपियों पर देशभर में हो रही नक्सली वारदातों में शामिल होने का आरोप था। जांच के दौरान दो अभियुक्तों मनीष श्रीवास्तव और अमिता श्रीवास्तव को उसी समय गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। इसके बाद साल 2023 में दो और आरोपियों बृजेश कुशवाहा और प्रभा को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

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यूपी एटीएस ने नक्सली घटनाओं में शामिल और किसानों, मजदूरों को बहलाकर नक्सल संगठन के लिए काम करने के लिए तैयार करने के आरोप में बिंदा सोना और कृपाशंकर सिंह को गिरफ्तार किया है। कृपाशंकर सिंह मूलत: कुशीनगर का रहने वाला है और देवरिया से पॉलीटेकनिक की शिक्षा ग्रहण की है। इसके पश्चात वर्ष 2004 में यह रायपुर, छत्तीसगढ़ में बिनायक सेन व उनकी पत्नी एलीना सेन द्वारा संचालित एनजीओ रूपान्तर से जुड़कर काम करने लगा। वहीं इसकी मुलाकात एनजीओ में काम करने वाली बिन्दा सोना उर्फ मन्जू निवासनी कोटा बस्ती थाना आभा बाजार जिला रायपुर से हुई। एनजीओ में काम करने के दौरान ही इन लोगों ने विवाह किया और प्रतिबन्धित नक्सली संगठन भाकपा (माओवादी) से जुड़ गये।
 
संगठन के निर्देश पर साल 2007- 08 में ये दोनों दिल्ली आ गये। दिल्ली से पुन: वर्ष 2009-10 में यूपी के देवरिया कुशीनगर के ग्रामीण क्षेत्रो में किसानों, मजदूरों व छात्रों के बीच संगठन का कार्य एवं माओवादी विचारधारा का प्रचार प्रसार करने लगे। साल 2010  में जनपद कानपुर नगर में एसटीएफ द्वारा थाना किदवई नगर, कानपुर नगर में कृपाशंकर सिंह की गिरफ्तारी हुई थी, जिसमें इसे अक्टूबर 2016 में जमानत प्राप्त हो गयी थी। जेल से रिहा होने के बाद कृपाशंकर एवं उसकी पत्नी बिन्दा सोना पुन: नक्सली गतिविधियों सलिप्त हो गये।
 
तब से अब तक लगातार संगठन के 20 क्षेत्र (उत्तर प्रदेश व उत्तर बिहार क्षेत्र) भाकपा (माओवादी) के केन्द्रीय कमेटी व पोलित व्यूरो के शीर्ष पदाधिकारियों के साथ कामक उत्तर प्रदेश में नक्सल व अर्बन नक्सल गतिविधियों को गोपनीय रूप से प्रचारित व प्रसारित करने का कार्य कर रहे थे। वर्ष 2017-18 में कृपाशंकर एवं उसकी पत्नी बिन्दा सोना द्वारा दो दर्जन मुकदमों में वांछित हार्डकोर पांच लाख का इनामी नक्सली क्वाथन श्रीनिवासन उर्फ अरबिन्द को जनपद महाराजगंज के थाना निचलौल के ग्राम करमहिया में शरण दी गयी थी और वहां के विद्यालय में क्वाथन श्रीनिवास को छद्म नाम अरबिन्द के नाम से पढ़ाने के लिए रखवाया था।उक्त साक्ष्यों के आधार पर मंगलवार को कृपाशंकर सिंह व बिन्दा सोना उर्फ मन्जू उर्फ सुमन की गिरफ्तारी प्रयागराज से की गयी है। 
 
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