घोसी उपचुनाव: यूपी में राजग और विपक्षी गठबंधन के बीच पहली चुनावी भिड़ंत का मंच तैयार

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और विपक्षी दलों के गठजोड़ 'इंडिया' (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस) के बीच पहली चुनावी भिड़ंत के लिए घोसी विधानसभा उपचुनाव के रूप में मंच पूरी तरह से तैयार है। इस उपचुनाव के तहत मंगलवार को मतदान होगा। घोसी विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव राज्य में विपक्षी गुट 'इंडिया' के गठन और पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रभावशाली मानी जाने वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राजग में शामिल होने के बाद हो रहा पहला चुनाव है। समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक और अन्य पिछड़ा वर्ग के नेता दारा सिंह चौहान के इस्तीफा देने और भाजपा में शामिल होने के बाद घोसी विधानसभा सीट पर उपचुनाव हो रहा है। एक अधिकारी ने बताया कि उपचुनाव के लिए मतदान पांच सितंबर को सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगा, जबकि वोटों की गिनती आठ सितंबर को की जाएगी। उपचुनाव के दौरान प्रचार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक, राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री और भाजपा के सहयोगी दल पार्टी उम्मीदवार दारा सिंह चौहान के पक्ष में वोट मांगते दिखे, जबकि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह को जिताने की अपील करते नजर आए। सुधाकर सिंह को कांग्रेस, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-माले (भाकपा-माले) लिबरेशन का भी समर्थन प्राप्त है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल रामपुर और आज़मगढ़ लोकसभा सीटों के लिए हुए उपचुनावों के वास्ते प्रचार नहीं करने वाले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस बार घोसी में एक चुनावी सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव देश की राजनीति में बदलाव लाएगा। घोसी विधानसभा उपचुनाव में कुल 10 उम्मीदवार मैदान में हैं। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने इस सीट पर अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारा है।

एक अनुमान के मुताबिक, घोसी में लगभग 4.38 लाख मतदाताओं में से 90,000 मुस्लिम, 60,000 दलित और 77,000 अगड़ी जाति से हैं, जिनमें 45,000 भूमिहार, 16,000 राजपूत और 6,000 ब्राह्मण शामिल हैं। इससे पहले रविवार को, सपा प्रमुख ने घोसी के मतदाताओं से उपचुनाव में सपा उम्मीदवार का समर्थन करने और "विधायकों को खरीदने वाली भाजपा को सबक सिखाने" की अपील की थी। सोशल मीडिया मंच "एक्स" पर घोसी के मतदाताओं को संबोधित एक पोस्ट में अखिलेश ने कहा कि घोसी विधानसभा क्षेत्र का उपचुनाव अब चर्चा में है, क्योंकि "भाजपा के शासन में देश की जनता महंगाई, भ्रष्टाचार और अत्याचार से त्रस्त है और घोसी के मतदाता पार्टी को हराकर उसे सबक सिखाएंगे।" दूसरी ओर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने "एक्स" पर साझा किए गए एक वीडियो में मतदाताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह करते हुए कहा, "'पहले मतदान, फिर जलपान।" योगी ने गत शनिवार को भाजपा उम्मीदवार दारा सिंह चौहान के लिए प्रचार करते हुए कहा था, "अगर कोई सुबह रास्ता भूल जाता है और शाम को घर लौट आता है, तो उसे खोया हुआ नहीं माना जाता है।" उन्होंने वर्ष 2005 में मऊ में हुए दंगों का ठीकरा समाजवादी पार्टी पर फोड़ते हुए कहा था कि इन दंगों को भड़काने वाला पूर्व बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी अब व्हीलचेयर पर बैठकर अपनी जान की भीख मांग रहा है।

चौहान राज्य की पिछली भाजपा सरकार में पर्यावरण एवं वन मंत्री थे, लेकिन पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव से पहले 12 जनवरी 2022 को उन्होंने मंत्री परिषद से इस्तीफा देकर सपा का दामन थाम लिया था। इसके बाद हुए चुनाव में उन्होंने सपा के टिकट पर घोसी सीट से जीत हासिल की थी। चौहान इसी साल जुलाई में सपा छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे और उन्होंने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। भाजपा ने अब इस सीट पर उपचुनाव के लिए चौहान को अपना उम्मीदवार बनाया है। 

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