सिक्किम में लापता कासगंज के सैनिक की तलाश के लिए भोपाल से बुलाई टीम

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कासगंज: सिक्किम में बादल फटने की घटना के बाद से लापता हुए कासगंज के सैनिक का सुराग नहीं लग पा रहा है। सेना पूरी तरह उनकी तलाश में जुटी हुई है। कासगंज से परिवार के लोग भी सिक्किममें पहुंचकर डेरा जमा चुके हैं और तलाश में जुटे हुए हैं।

इधर सैनिक राघवेंद्र सेना का वाहन चलाता था। बादल फटने से जिस वाहन में यह हादसा हुआ वह सेना का वाहन भी लापता है। सेना को आशंका है कि वाहन चालक वाहन सहित कहीं मलवे में दब गया है। इधर रेस्क्यू के लिए सेना ने भोपाल से टीम बुलाई है।

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कासगंज क्षेत्र के गांव सलेमपुर पीरौंदा निवासी राघवेंद्र उर्फ रासबिहारी सेना में जवान है। बीते मंगलवार को सिक्किम में बादल फटा। इस घटना में 23 सैनिक मलवे में दबे। इनमें से अधिकांश के शव निकाले जा चुके हैं, जबकि अब कासगंज का लापता सैनिक राघवेंद्र ही गायब है। उसकी तलाश में सेना जुटी हुई है। 

राघवेंद्र की पत्नी बेवी, भाई नरेंद्र सिंह के अलावा बेटे और साढू भी सिक्किम में डेरा जमाए हुए हैं और वहां सैनिक राघवेंद्र की तलाश कर रहे हैं। राघवेंद्र वर्ष 2004 में सेना में चालक पद पर भर्ती हुए थे। बादल फटने से सेना का जो वाहन चपेट में आया। राघवेंद्र इस वाहन को चला रहे थे।

लापता अधिकांश सैनिकों के शव तो मिल गए हैं लेकिन सेना का वाहन और राघवेंद्र का कहीं कोई सुराग नहीं लग रहा। ऐसे में सेना के अफसरों का मानना है कि कहीं अलग दूर मलवे में सैनिक और वाहनदब गया है। अब पूरे प्रयासों के बाद भी जब सैनिक राघवेंद्र का कहीं कोई सुराग नहीं लगा है तो फिर भोपाल से रेस्क्यू के लिए सेना की टीम बुलाई गई है। अब भोपाल की टीम वाहन सैनिक राघवेंद्र की तलाश करेगी। 

कई अस्पतालों में शिनाख्त के लिए पहुंचे परिजन
 इधर जलपाईगुड़ी के अलावा अन्य अस्पतालों में भी सैनिक के परिवारों ने अन्य शवों को देखकर राघवेंद्र की शिनाख्त के प्रयास किए हैं, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चला है। सैनिक के भजन पूरी तरह तलाश में जुटे हुए हैं।

 रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल
 सेना का जवान लापता होने के बाद से परिजनों का रो-रो का बुरा हाल है। वह परिवार में सबसे छोटा भाई था और उसका कहीं कोई सुराग नहीं लग रहा है तो सिक्किम में पहुंचे परिजनों का वहां रो-रो बुरा हाल है और यहां गांव सलेमपुर पीरौंद में अन्य परिजन काफी चिंतित हैं। आसपास के गांव के लोग भी गांव पहुंचकर सेना के जवान के बारे में जानकारी कर रहे हैं।

मेरे भाई का अभी तक कहीं कुछ पता नहीं चला है। वह सेना का वाहन चलाता था। सेवा के अधिकारियों ने बताया है कि वह वाहन भी लापता है। जो वाहन राघवेंद्र चल रहा था। यही वाहन बादल फटने से घटना का शिकार हुआ था। अब भोपाल से सेना के अधिकारियों ने टीम बुलाई है।-नरेंद्र सिंह, लापता सैनिक का भाई

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