देवरिया नरसंहार : एक्शन मोड में सीएम योगी, जिन अधिकारियों पर गिरी गाज जानिये उनके नाम

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लखनऊ: देवरिया जिले में हुये नरसंहार मामले में सीएम योगी ने कड़ा रुख अपनाया है। एक हत्या का बदला लेने के लिए किये गये पांच लोगों के कत्ल मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 अधिकारियों और कर्मचारियेां को निलंबित कर दिया है। जिन अधिकारियेां को निलंबित किया गया है। उनमें मौजूदा एसडीएम और सीओ भी शामिल हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे लोग भी कार्रवाई के जद में आये हैं, जो सेवानिवृत्त हुये हैं।

इन पर हुई कार्रवाई

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1 उपजिलाधिकारी, 1 क्षेत्राधिकारी, दो तहसीलदार, तीन लेखपाल, 1 हेड कांस्टेबल, 4 कांस्टेबल , 2 हल्का प्रभारी व 1 थाना प्रभारी निलंबित। साथ ही लापरवाह तहसीलदारों, क्षेत्राधिकारी के खिलाफ विभागीय कार्यवाही होगी।

दरअसल, देवरिया नरसंहार प्रकरण में शासन की रिपोर्ट में अधिकारी और कर्मचारियों की घोर लापरवाही, कर्तव्यपालन में शिथिलता होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि सत्य प्रकाश दुबे जब जिंदा था, तब उसने ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जा के संबंध में आईजीआरएस पर अनेक शिकायतें मुख्यमंत्री संदर्भ के रूप में आनलाइन पुलिस विभाग/राजस्व विभाग को भेजी थीं, लेकिन दोनो विभाग के संबंधित अधिकारियों द्वारा गम्भीरतापूर्व संज्ञान लेकर निस्तारण नहीं कराया गया। 

जिन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

- मौजूदा उपजिलाधिकारी योगेश कुमार गौड़ और क्षेत्राधिकारी रुद्रपुर जिलाजीत को  निलंबित किया गया।

-  उपजिलाधिकारी रहे राम विलास, ओम प्रकाश, ध्रुव शुक्ला एवं संजीव कुमार उपाध्याय के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही होगी।

- सेवानिवृत्त तहसीलदार वंशराज राम और सेवानिवृत्त राजस्व निरीक्षक रामानन्द पाल के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू करने के निर्देश।

- अभय राज (वर्तमान में निलंबित तहसीलदार) को अतिरिक्त आरोप पत्र जारी करने के निर्देश।

- रामाश्रय तत्कालीन तहसीलदार, सम्प्रति तहसीलदार जनपद बलरामपुर को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के निर्देश तथा केशव कुमार तहसीलदार रूद्रपुर को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही के निर्देश।

- विशाल नाथ यादव (राजस्व निरीक्षक), राजनन्दनी यादव (क्षेत्रीय लेखपाल), अखिलेश (लेखपाल) को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही।

- हेड कॉन्स्टेबल राजेश प्रताप सिंह, कॉन्स्टेबल अवनीश चौहान, हल्का प्रभारी / उपनिरीक्षक जय प्रकाश दुबे व प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह को निलंबित करने के साथ ही विभागीय कार्यवाही के आदेश।

- पूर्व में आईजीआरएस के निस्तारण में लापरवाही के लिये उत्तरदायी कैलाश पटेल, कॉन्स्टेबल राम प्रताप कन्नौजिया, सुभाष यादव , उ.नि. सुनील कुमार, पूर्व प्रभारी निरीक्षक, रूद्रपुर को ठहराया गया है। इन सभी को निलंबित किया गया है। इसके अलावा तत्कालीन क्षेत्राधिकारी, रूद्रपुर दिनेश कुमार सिंह यादव के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही शुरू की गई है।

10 बीघा जमीन के लिए हुई थी हत्याएं

जनपद देवरिया के रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित फतेहपुर गांव में जमीनी विवाद को लेकर 6 लोगों की हत्या हुई थी। गांव में स्थित अभयपुर टोला निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव की पहले हत्या हुई। उसके बाद मृतक के समर्थकों ने एक घर में घुसकर सत्य प्रकाश दुबे और उनकी पत्नी तथा तीन बच्चों की निर्मम हत्या कर दी। 

बता दे की पूर्व जिला पंचायत सदस्य प्रेमचंद यादव और सत्य प्रकाश दुबे के बीच 10 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि साल 2014 में प्रेमचंद यादव ने सत्य प्रकाश दुबे के भाई ज्ञान प्रकाश दुबे से 10 बीघा जमीन की रजिस्ट्री कराई थी। जिसको लेकर मुकदमा चल रहा था। इसी विवाद में 2 अक्टूबर यानि सोमवार को सत्य प्रकाश दुबे के दरवाजे पर पहुंचे प्रेमचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। इसके बाद बवाल बढ़ गया और बताया जा रहा है कि प्रेमचंद यादव के समर्थकों ने सत्य प्रकाश दुबे के घर पर धावा बोल दिया और एक ही परिवार के पांच लोगों की निर्मम हत्या कर दी।

एक ही दिन में 6 लोगों की हत्या की बात सामने आने के बाद प्रशासनिक अमले में भी खलबली मच गई। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना में प्रशासनिक स्तर पर बड़ी लापरवाही सामने आई है। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 15 लोगों को सस्पेंड कर दिया है।

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