बरेली: स्मैक सप्लाई के लिए लेता था छुट्टी, वर्दी पहन करता था तस्करी

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बरेली: कैंट थाने में तैनात सिपाही रवींद्र सिंह पहले तो स्मैक तस्करों के संपर्क में आया। जिसके बाद रुपयों के लालच में वह खुद स्मैक तस्करी करने लगा। वह तस्करी के लिए छुट्टी पर जाता था और वर्दी पहने रहता था ताकि कोई उसपर शक न करे। नैनीताल में भी वह छुट्टी लेकर स्मैक तस्करी के लिए गया था।

रवींद्र जैसे न जाने कितने पुलिसकर्मी विभाग को पहले भी बदनाम कर चुके हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के अभियान में ध्वस्त हो चुका तस्करों का साम्राज्य दोबारा से भ्रष्ट पुलिस कर्मियों ने खड़ा करा दिया।

एसओजी की टीम सिपाही से सीबीगंज क्षेत्र में छह लाख रुपये प्रति किलो में सौदा तय कर के गई थी। इसके बाद सिपाही नैनीताल में स्मैक सप्लाई करने पहुंचा था। वह अपने साथ दो अन्य लोगों को भी लेकर गया था।

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जहां पर स्मैक मिलते ही एसओजी की टीम ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया था। सिपाही को एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए विभागीय जांच खोली है और जांच पूरी होने पर उसे बर्खास्त कर दिया।

स्मैक तस्करों से साठगांठ में पुलिस कर्मियों पर गिरी है गाज
लगातार एक के बाद एक तस्करों से साठगांठ के मामले में पहले भी कई पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है। इसकी वजह से विभाग पर भी सवाल उठने लगे हैं। 22 अगस्त को इंस्पेक्टर फतेहगंज पश्चिमी मनोज कुमार सिंह, एसओजी के मुख्य आरक्षी अनिल कुमार प्रेमी, शेरगढ़ के मुख्य आरक्षी बाबर, सीबीगंज का सिपाही दिलदार और मुनव्वर आलम और हाफिजगंज का सिपाही हर्ष चौधरी स्मैक तस्करी के आरोप में निलंबित हो चुके हैं।

इन पर आरोप है कि फतेहगंज पश्चिमी के मोहल्ला सराय के स्मैक तस्कर शानू उर्फ सोनू कालिया से मिलकर स्मैक तस्करी कराते थे। सोनू कालिया से बातचीत होने पर एक सिपाही पहले भी जेल जा चुका है।

कल्लू डॉन से भी दोस्ती निभा चुका है खुफिया विभाग
जिले के चर्चित ड्रग माफिया शाहिद उर्फ कल्लू डॉन जैसे लोगों से भी पुलिस कर्मी समेत खुफिया विभाग दोस्ती निभाने में पीछे नहीं हटा। कल्लू डॉन से दोस्ती निभाने में भुता थाने के सब इंस्पेक्टर अफसार मियां, मुख्य आरक्षी ड्राइवर सुरेन्द्र सिंह और एलआईयू के मुख्य आरक्षी रजबुल हुसैन निलंबित हो चुके हैं।

पुलिस कर्मियों की मदद से कई तस्कर बने सफेदपोश
जिले में कई तस्कर ऐसे भी हैं, जिन्होंने पुलिस की मदद से स्मैक तस्करी कर कम समय में इतने रुपये कमाए कि चुनाव में रुपयों को पानी की तरह बहाकर सफेदपोश हो गए। शहीद खां उर्फ छोटे स्मैक के साथ पकड़ गया। वह फरीदपुर के पढ़ेरा गांव का प्रधान है। फतेहगंज का शाहिद उर्फ कल्लू डॉन सभासद रहा चुका है।

वह एक पार्टी का पदाधिकारी भी रह चुका है। उसकी पत्नी इमराना भी स्मैक तस्करी में जेल गई थी। वह अब फतेहगंज पश्चिमी नगर पंचायत की अध्यक्ष हैं। 2021 में पुलिस ने फतेहगंज पश्चिमी के स्मैक तस्कर नन्हें लंगड़ा उर्फ रियासत को गिरफ्तार किया और उसकी संपत्ति पर सरकार का पीला पंजा चला, तब सामने आया कि उसके बरात घर का उद्घाटन अल्पसंख्यक आयोग की तत्कालीन सदस्य ने किया था।

हालही में गिरफ्तार किए गए तस्कर
– 21 सितंबर को बिथरी पुलिस ने 300 ग्राम स्मैक तस्करी के आरोप में चार को जेल भेजा।
-15 सितंबर को पुलिस ने ड्रग माफिया कल्लू डॉन के भाई जाकिर हुसैन को16 ग्राम स्मैक के साथ पकड़ा।
-25 अगस्त को पुलिस ने बिशारतगंज में एक किशोर सहित चार आरोपियों को 1 किलो 835 ग्राम अफीम के साथ पकड़ा।
-18 अगस्त को फरीदपुर में दो तस्करों को 50 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया।
-16 अगस्त को आंवला में 4 सौ ग्राम अफीम के साथ दो तस्कर गिरफ्तार हुए।
-25 जुलाई को फरीदपुर में 255 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया।
-15 अगस्त को फतेहगंज पूर्वी में 250 ग्राम अफीम के साथ दो तस्करों को पुलिस ने पकड़ा।
-18 जुलाई को भोजीपुरा में 850 ग्राम अफीम के साथ एक तस्कर को पुलिस ने पकड़ा।
-10 जुलाई को पुलिस ने बहेड़ी से 25 ग्राम स्मैक के साथ पांच तस्कर को पकड़ा।
-7 जुलाई को फतेहगंज पश्चिमी में दो सौ ग्राम स्मैक के साथ दो तस्कर गिरफ्तार किए गए।
-21 जून किला में 22 ग्राम स्मैक के साथ एक तस्कर को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा।

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