बलिया में विद्यार्थी बोले - नि:स्वार्थ सेवा भाव आपसी सद्भाव का वाहक 

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Ballia News : सामाजिक, आर्थिक सभी रूपों में सेवा भाव की अपनी अलग-अलग महत्ता है। बिना सेवा भाव के किसी भी पुनीत कार्य को अंजाम तक नहीं पहुंचाया जा सकता। सेवा भाव के जरिए समाज में व्याप्त कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने के साथ ही आम लोगों को भी उनके सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक किया जा सकता है। 

इसी को आधार मानकर दुबहर क्षेत्र के नगवा गांव निवासी सामाजिक चिंतक बब्बन विद्यार्थी हर साल पूर्व मंत्री स्व. विक्रमादित्य पांडेय की स्मृति में जरूरतमंदों की सेवा करते है। रविवार को अखार ढाला पर आयोजित कार्यक्रम में निराश्रित एवं गरीब महिलाओं को वूलेन शाॅल ओढ़ाने के साथ ही बब्बन विद्यार्थी ने कहा कि परोपकार एवं जरूरतमंदों की सेवा करना मानव जीवन का सबसे बड़ा धर्म है। किसी की सेवा और मदद करने में उन्हें आलौकिक आनंद की अनुभूति होती है।
 
कहा कि प्रारंभिक शिक्षा से लेकर हमारे अंतिम काल तक सेवा ही एक मात्र ऐसा आभूषण है, जो जीवन को सार्थक सिद्ध करने में अहम भूमिका निभाता है। बिना सेवा भाव विकसित किए मनुष्य जीवन को सफल नहीं बना सकता। हम सभी को चाहिए कि सेवा के इस महत्व को समझें और दूसरों को भी इस ओर जागरूक करने की पहल करें, क्योंकि असल में सेवा भाव आपसी सद्भाव का वाहक बनता है। जब हम एक-दूसरे के प्रति सेवा भाव रखते हैं, तब आपसी द्वेष की भावना स्वत: समाप्त हो जाती है और हम सभी मिलकर कामयाबी के पथ पर अग्रसर होते हैं। नि:स्वार्थ भाव से की गई सेवा से किसी का भी हृदय परिवर्तन किया जा सकता है। विश्वनाथ पांडेय, केके पाठक, डॉ सुरेशचंद्र प्रसाद, राकेश यादव, पन्नालाल गुप्ता, नितेश पाठक, विजय प्रकाश गुप्ता, जय गुप्ता, रणजीत सिंह, शिवजी गुप्ता, अन्नपूर्णानंद तिवारी, धीरज यादव, संजय जायसवाल, संतोष उपाध्याय, अश्वनी ठाकुर आदि मौजूद रहे।
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