बलिया: राशन कार्ड बनवाने के लिए भटक रहे ग्रामीण, विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से बिगड़ी व्यवस्था

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Ballia News: बलिया में राशन कार्ड को लेकर अव्यवस्था देखने को मिल रही है. तमाम कोशिशों के बाद भी जरूरतमंदों को राशन कार्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में गरीब लोग काफी परेशान हैं.

Ballia News: बलिया में राशन कार्ड को लेकर अव्यवस्था देखने को मिल रही है. तमाम कोशिशों के बाद भी जरूरतमंदों को राशन कार्ड उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में गरीब लोग काफी परेशान हैं.

बता दें कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अधिकांश क्षेत्रों में यूनिट हाउसफर है. विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत की भी खबर सामने आ रही है। विभागीय कर्मी हर माह किसी का राशन कार्ड तो किसी का यूनिट काटकर अपने चहेतों को राशन कार्ड उपलब्ध कराने का खेल खेलते हैं।

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वर्तमान में कुल 581501 हैं, जिसमें अंत्योदय के 101608 और पात्र गृहस्थी के 479893 हैं, लेकिन पूर्ति विभाग में अभी तक कार्डधारकों का डाटा दुरुस्त नहीं हो सका है। राशन कार्ड में हर दिन कुछ न कुछ बदलाव होता रहता है। कभी राशन कार्ड गायब कर दिए जाते हैं तो कभी राशन कार्ड से यूनिट गायब कर दी जाती हैं।

इतना ही नहीं कई लोग दूसरे गांवों में राशन कार्ड बनवाकर अपने गांव के कोटेदार से राशन लेते हैं। उदाहरण के तौर पर हनुमानगंज ब्लॉक के दरामपुर गांव में नौ यूनिट का कार्ड सोहांव ब्लॉक के गांव के लिए बनाया गया है। जिले में आठ साल पहले 2015 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू किया गया था। वर्ष 2016 में पूर्व में संचालित सभी कार्डों के स्थान पर केवल दो प्रकार के अंत्योदय और पात्र गृहस्थी राशन कार्ड जारी किए गए।

दो माह पहले जिले में कुल 581668 संचालित थे, जिनमें 101688 अंत्योदय और 479980 पात्र गृहस्थी के थे। लेकिन वर्तमान में जिले में कुल 581501 हैं जिसमें 101608 अंत्योदय और 479893 पात्र गृहस्थी के हैं। पिछले दो माह में कुल 167 राशन कार्ड कटे हैं, जबकि सैकड़ों राशन कार्डों से एक-दो यूनिट गायब हो गये हैं.

बलिया डीएसओ रामजतन यादव का कहना है कि इंटर स्टेट आधार डुप्लीकेसी के तहत लगातार निगरानी की जा रही है. जिन कार्डधारकों का आधार दूसरे राज्यों के राशन कार्डों में फीड है, उनके राशन कार्ड काटे जा रहे हैं। दूसरे गांव के निवासियों का राशन कार्ड दूसरे गांव में बनाने के मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

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