Azamgarh News : मुख्तार अंसारी के गुर्गे पर यूपी पुलिस का बड़ा एक्शन, कुर्क की 5 करोड़ की संपत्ति

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एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि माफिया मुख्तार अंसारी के दो सहयोगियों बरदह थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहजमां उर्फ नैय्यर और उसके भाई अशरफ जमा ने अपराध की कमाई से लखनऊ में एक हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने जिलाधिकारी को कुर्की के लिए संस्तुति की थी।

Azamgarh News : मुख्तार अंसारी के करीबियों पर यूपी पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रदेश स्तर पर चिह्नित आईएस-191 गैंग के सरगना मुख्तार अंसारी के दो सहयोगियों की लखनऊ स्थित बेशकीमत जमीन को पुलिस ने कुर्क कर लिया। आजमगढ़ के जिलाधिकारी विशाल भारद्वाज के आदेश पर जिले की पुलिस ने लखनऊ पहुंचकर यह कार्रवाई की। 

डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई

एसपी अनुराग आर्य ने बताया कि माफिया मुख्तार अंसारी के दो सहयोगियों बरदह थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर फेटी गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर शाहजमां उर्फ नैय्यर और उसके भाई अशरफ जमा ने अपराध की कमाई से लखनऊ में एक हेक्टेयर जमीन खरीदी थी। इसकी जानकारी होने पर पुलिस ने जिलाधिकारी को कुर्की के लिए संस्तुति की थी। एसपी ने बताया कि आरोपी पर गैंगस्टर एक्ट के तहत यह कार्रवाई की गई है। एसपी ने जिले के डीएम विशाल भारद्वाज के आदेश पर यह कार्रवाई की है। शाहजमां उर्फ नैय्यर की अब तक 5 करोड़ 29 लाख से अधिक की संपत्ति को कुर्क किया जा चुका है।

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लग्जरी लाइफ जीता है शाहजमां

जानकारी के मुताबिक मुख्तार का यह गुर्गा महंगी गाड़ियों के साथा आलीशान कोठी में रहता है। हवाला कारोबार के जरिए माफिया ब्रदर्स ने अकूत संपत्ति बनाई और लग्जरी लाइफ स्टाइल जीते रहे। इनको घोड़े रखने का भी शौक है।

अपराधियों पर जारी रहेगी कार्रवाई

एसपी ने बताया कि जिले में अपराधियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मुख्तार का सहयोगी शाहजमां जिले का हिस्ट्रीशीटर है। जिसकी लखनऊ में एक सर्किल रेट के हिसाब से एक करोड़ 40 लाख की संपत्ति को कुर्क किया गया है। इस संपत्ति की मार्केट वैल्यू तीन करोड़ से अधिक है। एसपी ने कहा कि जिले में संगठित अपराध और माफिया की संपत्ति को 14ए के तहत कुर्क कर अपराधियों की कमर तोड़ने की कार्रवाई जिले की पुलिस द्वारा जारी रहेगी।

हवाला के कारोबार ने बना दिया मालामाल

जानकारी के मुताबिक शाहजमां उर्फ नैय्यर चार भाई हैं। इनमें सबसे बड़ा भाई कमरूज्जमा, खलीकुज्जमा, अशरफ जमां और शाहजमां उर्फ नैय्यर फेटी है। दो भाई दुबई और सऊदी अरब रहते हैं। 1990 के दशक के पहले इन लोगों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। 1990 के दशक के बाद हवाला के कारोबार में आने से इन लोगों की आर्थिक स्थिति लगातार सुधरने लगी। हवाला कारोबार से यह लोग मालामाल होते गए। माफिया ब्रदर्स के हवाला कारोबार में कई बार मुखबिरी के कारण लूट और छिनैती की घटनाएं भी आजमगढ़, गोरखपुर, दोहरीघाट, जौनपुर के खेतासराय में हुईं। जिन लोगों ने इस गिरोह का पैसा लूटा उनको दुनिया से विदा होना पड़ा। हवाला के ही मामले में शाहजमां की पहले भी गिरफ्तारी हुई थी और जिला न्यायालय ने सजा भी सुनाई थी।

1990 में आया अपराध जगत में 

एसपी ने बताया कि शाहजमां 1990 से अपराध जगत में सक्रिय है। यह कुख्यात अपराधी है, जिसका जिले स्तर पर पंजीकृत सक्रिय गैंग डी-72 है। अपने गैंग के सदस्यों के साथ गठजोड़ कर आजमगढ़ और आस-पास के जिलों में भी अपराध करता रहता है। जिले के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या का प्रयास, बलवा, मारपीट जैसे 24 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी समाज में भय पैदा कर कीमती संपत्तियां अर्जित की है।

करोड़ों की संपत्ति कुर्क

शाहजमां के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई है। शाहजमां की ग्राम बेलऊ, मुहम्मदपुर में एक करोड़ 84 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। शाहजमां द्वारा अर्जित की गई प्रापर्टी को प्रमाणित नहीं कर पाए। बेलऊ गांव में 14 लाख की जमीन, मुहम्मदपुर फेटी गांव मे 23 लाख और 1 करोड़ 45 लाख 67 हजार के दो मंजिला मकान को कुर्क कर जब्त करने का निर्देश दिया है।

इनकी खोली जा चुकी है हिस्ट्रीशीट

एसपी ने माफिया मुख्तार के सात गुर्गों की अब तक हिस्ट्रीशीट खोली जा चुकी है। मुख्तार अंसारी के आईएस191 गैंग के सदस्य शाहजमां के सहयोगी नदीम खान, विकास गिरी, शहदाब उर्फ शादाब, अल्तमश और मुख्तार उर्फ मुन्ना राजभर आफताब और सरफराज की हिस्ट्रीशीट खोली थी। इन आरोपियों पर हत्या के प्रयास जैसी घटनाओं में शामिल होने के आरोप लगे हैं।

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